छत्तीसगढ़ के बस्तर में बोले योगी: "कभी 'बीमारू' रहा उत्तर प्रदेश, आज बना है देश के विकास की धुरी"
Yogi said in Bastar, Chhattisgarh: "Uttar Pradesh was once 'BIMARU
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में रूल ऑफ लॉ है। अपराधियों में भय है। बीते 9 वर्षों के दौरान यूपी में कानून-व्यवस्था, कल्याणकारी योजनाओं, इन्फ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार आदि क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत की संकल्पना का साकार रूप हम सभी को प्रत्येक क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। वह मंगलवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद को संबोधित कर रहे थे।
योगी ने कहा कि अतीत में चुनौतीपूर्ण रहा यह अंचल आज राष्ट्रीय नीति-निर्धारण की मुख्यधारा में शामिल हो गया है। पीएम ने सहकारी संघवाद पर आधारित ‘टीम भारत’ का विजन दिया है, जिसमें क्षेत्रीय परिषद महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में क्षेत्रीय परिषद पूरी सक्रियता से आगे बढ़ रही हैं। जो यूपी कभी एक बीमारू राज्य था, आज पूरे देश के विकास की धुरी बना है।
प्रदेश सरकार ने किसान, महिला, गरीब और वंचितों के उत्थान हेतु अनेक कदम उठाए हैं। जल जीवन मिशन से वर्ष 2026 तक 91.25 फीसदी परिवारों को पाइप पेयजल मिल रहा है। यह मिशन सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं से 900 मेगावॉट सौर ऊर्जा भी उत्पन्न कर रहा है। साइबर अपराध से निपटने के लिए सभी जिलों में साइबर थाने स्थापित हैं। ई गवर्नेंस में यूपी अग्रणी है। ई डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर 54 विभागों की 359 सेवाएं उपलब्ध हैं।
एआई और न्यू इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के लिए महत्वपूर्ण बजट का प्रावधान किया है। लाखों बच्चों और गर्भवती महिलाओं को प्रतिमाह पुष्टाहार दिया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना से करोड़ों पात्र व्यक्तियों को निशुल्क उपचार मिल रहा है। अमृत योजनाओं से नगरीय विकास हो रहा है। स्कूल चलो अभियान से लाखों बच्चों का नामांकन हुआ। प्राथमिक स्तर पर ड्रॉप आउट दर शून्य है, जो उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है।
श्रमिक समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़
सीएम ने कहा कि श्रमिक हमारे समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं इसलिए औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों में वृद्धि के साथ श्रमिक हितों और न्याय की रक्षा भी जरूरी है। प्रत्येक श्रमिक का सम्मान और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस उद्देश्य से लेबर ई-कोर्ट ‘श्रम न्याय सेतु’ लॉन्च किया है। विवाद निपटारे में दक्षता और समयबद्धता सुनिश्चित की गई है।